प्रिय पाठक गण,
सादर नमन,
आप सभी को मंगल प्रणाम,
आज प्रवाह में विषय है जल ही जीवन,
जल बिना हम अपने जीवन की कल्पना नहीं कर सकते, जल से ही पेड़ -पौधे, फसलें, जीव जंतु व हम सभी को जीवन प्राप्त होता है।
जल से ही हम फसलों को उगाते हैं, उनका पोषण करते हैं, संवर्धन करते हैं, जल के बिना हमारी फसले परिपक्व नहीं होती है,
बिना जल के हम अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते, हमारा सारा जीवन जल से जुड़ा हुआ है, हमें अपने स्वयं के लिये, पेड़ पौधों के लिए, पशु पक्षियों के लिए जल की आवश्यकता होती है, जल के द्वारा ही हम अपनी फसलों को सिंचित करते हैं, व हमें अनाज, फल व सब्जियों की प्राप्ति होती है।
हमें अपने स्नान के लिए भी जल की जरूरत होती है, भोजन बनाने के लिए भी जल की जरूरत होती है, वह पीने के लिए भी हमें जल की जरूरत होती है, जल हमारे जीवन में इतना अधिक महत्वपूर्ण है, कि इसके बिना हम कुछ भी कार्य नहीं कर सकते,
पर क्या इतनी मूल्यवान वस्तु की हम कद्र करते हैं, उसे संभालते हैं या उसका अपव्यय करते हैं, जल जैसी महत्वपूर्ण वस्तु, जो हमारे जीवन के हर आयाम में हमें चाहिये, कोई शुभ कार्य भी करना हो, तो भी हमें जल चाहिये, हमें जल से आचमन करना होता है, विभिन्न धार्मिक क्रियाओं में भी जल की आवश्यकता होती है, जल के द्वारा हम पेड़ -पौधों को जीवन प्रदान करते हैं, बदले में वे पेड़- पौधे
ऑक्सीजन के रूप में हमें जीवन देते हैं, इस प्रकार जल पेड़ पौधों के जीवित रहने में व हमारे जीवन के लिए भी बहुत उपयोगी है,
अतः हमें जल को बहुत संभाल कर उसका उपयोग करना चाहिये, आने वाला जो समय है, वह जल संकट का हो सकता है, अगर हमने समय रहते जल स्रोतों का संरक्षण नहीं किया, व उसके दोहन में सावधानी नहीं रखी तो आने वाला समय विकराल हो सकता है,
हमें अधिक से अधिक वृक्ष लगाने चाहिये, क्योंकि वृक्ष जहां पर अधिक होते हैं, वहां जो
बारिश का जल होता है, वह उसे आकर्षित करते हैं, व वहां पर भरपूर वर्षा होती है, इसी प्रकार हमें भूमिगत जल का भी संरक्षण करना चाहिये, वर्षा के जल के संरक्षण के उपाय भी हमें करने चाहिये, क्योंकि जल ही जीवन है।
विशेष:- हम अपने जीवन की कल्पना बिना जल के नहीं कर सकते, जल हमारे जीवन में
एक महत्वपूर्ण व जीवन का अनिवार्य अंग है,
बिना जल के जीवन चल ही नहीं सकता, इसीलिए कहा गया है जल ही जीवन है, तो लिए अपने जीवन की हम रक्षा करें वह प्रणाली कि हम जल का सही उपयोग व संरक्षण करेंगे।
आपका अपना,
सुनील शर्मा,
जय भारत,
जय हिंद।