प्रिय पाठक गण,
सादर नमन,
आप सभी को मंगल प्रणाम,
आज प्रवाह में हम चर्चा करेंगे, अनुभव पर, हम और आप अपने-अपने जीवन में विभिन्न अनुभवों से गुजरते हैं, और वे अनुभव हमें जिंदगी की सीख देते हैं, वह हमें सिखाते हैं,
कब ,कहां ,कैसा कदम उठाना उपयुक्त है,
जिंदगी के अनुभव से सभी सीखते हो, ऐसा जरूरी भी नहीं, लेकिन बुद्धिमान व्यक्ति उन अनुभवों से जरूर सबक सिखता है, जो उसे अपने जीवन में प्राप्त हुए, हमारे वृद्धजन, जिनके पास अनुभवों का भंडार होता है, हमें उनसे वार्तालाप करना चाहिए, वह जीवन में जिन अनुभवों से गुजरे हैं, वह हमें उनसे जानना चाहिए, क्योंकि हम अपने अनुभव से सीखेंगे तो और अधिक समय लगेगा, इससे अच्छा तो यह है, हम अपने बुजुर्गों के अनुभव से सीखे, उनके अनुभव हमारे लिए मार्गदर्शन का कार्य कर सकते हैं, वे जिंदगी में जितने अनुभवों से गुजरे होते हैं, उतने हम नहीं,
क्योंकि उनके जीवन का एक बड़ा हिस्सा
उन अनुभवों का साक्षी रहा है, इसलिए हमें नियमित रूप से उनके संपर्क में रहना चाहिए, जो अपने अनुभवों से व बुजुर्गों के अनुभव से सीखता है, उनसे सबक प्राप्त करता है,
वह अपने जीवन में ऊंचाइयों की ओर अग्रसर होता है, जिंदगी के अनुभव वह शिक्षक है, जो हमें जिंदगी को जीने का पाठ पढ़ाते हैं, सबके अनुभव अलग-अलग हो सकते हैं, मगर उन अनुभवों से हम सीखें।
विशेष:- अनुभव हमें जिंदगी जीना सिखाते हैं,
बशर्ते हम उन अनुभवों से सीखे, बुजुर्ग लोग
अनुभवों की खान होते हैं, उनसे अपने जीवन में मार्गदर्शन अवश्य लें, जिससे आप अपने जीवन में निरंतर प्रगति की और अग्रसर हो।
आपका अपना,
सुनील शर्मा,
जय भारत,
जय हिंद।